Poetry 1 min read 790.2K reads

कब्र


उसी मोड़ पर है कब्र मेरी जहां से मुड़ा था वो मुझ को छोड़ करमर चुका था मैं के जब तक वो आया वापस मुझ से मिलने दौड़ कर

Read more Earn more Learn more