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पागल


एक दिन एक पागल को गाते देखा था,हंस हंस कर अपना हाल सुनाते देखा था।

हमने देखा उसकी आंखे सूख चुकी थी,सुखी आंखो में न जाने कितने सपनों को मरते देखा था।।

एक दिन एक पागल को गाते देखा था।।•••

— Atul farrukhabadi
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