एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।। गलती भी करूँ न मैं। फिर भी रूठ जाती है।। समझ नही आता मुझको। क्यूँ हमसे यूँ कर पाती है।। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।1।A। मैं बोलता रहता हूँ हर वक्त। लेकिन वो सिर्फ पढ़ पाती है ।। कितना भी मैसेज भेज चुका। लेकिन निराशा छा जाती है। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।2। वो एक सपना सा लगती है। जिसके बिना जी नही पाता हूँ बिना देखे उसके चेहरे को। सुकून दिला नही पाता हूँ एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।3। कोशिश करता हर बार में। उसको खुश कर पाउँगा। लेकिन वो समझती राख मुझे। जो किसी काम न आ पाउँगा। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।4। पता नही क्यों वो मुझको। क्यों बुरा भला कह जाती है। बहुत चाहता हूँ उसे जरा । फिर क्यों हमें भूल सा जाती है। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।5। सब कुछ करना है उसके लिए। पर मैं कुछ नही कर पाता हूँ। जब मैं कुछ करना चाहा हूँ। अनदेखा सा बन जाता हूँ एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।6। उसकी हर बात हमें शहद सी न्यारी लगति है। उसकी पालकों की लपक झपक तारों की झिलमिलाहट सी लगति है। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।7। कुुुछ साल की तेरी संगत ने ।
बहुत कुछ हमे सिखा दिया। शेरों सा था चाल मेरा । यूँ तो पागल सा बना दिया। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।8। है नुर उसमें अजब बड़ा। जो किसी ओर में नजर नही आती है। उसकी मुस्कान हजारों में भी। कांटों सा दिल मे चुभ जाती है । एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।9।। हर बात पे मेरे दोस्त भला यूँ न रूठ जाया करते है। जिस दिन दूर चल जाऊंगा। यादों मे आ कर रुलाउँगा। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।10।! आ तु मुझसे एक बार जरा । अभी को बाता दो तुम राज जरा। क्या हम दोनो यूँ रह जाएँगे । या फिर अभीराज गुम हो जाएंगे। एक दोस्त है मेरी प्यारी सी। जो मुझे बहुत तड़पाती है।।11।।


