बताओ कौन हो तुम जो आती हो ,चली जाती हो। दो पल की ख्वाब में आ के यादों की बारिश कर जाती हो।। बताओ कौन हो तुम जो पुष्प पल्लवित कर जाती हो। अमावस्या की रात में तुम चाँद सी दिख जाती हो।। बताओ कौन हो तुम पल पल याद आती हो। काँटों सी चुभन कर तुम पल में दूर चली जाती हो।। बताओ कौन हो तुम तुम मेरी नही जानता हूँ फिर भी याद आती हो। हृदय पटल से नाम मिटकर छुपके से चली जाती हो।। बताओ कौन हो तुम सामने आओ मुझे बताओ क्यों याद तुम आती हो पल भर की झोंका बनकर क्यों दूर चली जाती हो।। बताओ कौन हो तुम बताओ कौन हो तुम।।