तुम्हारे सारे आंसू मेरी पलकों पर आ जाएं,
तुम्हारे होठों से होकर मेरी मुस्कान निकले,
मेरी हर एक सांस पर बस तुम्हारा नाम हो,
तुम्हारी धड़कनें थमने से मेरी जान निकले,
यहां से दूर चलो एक ऐसे शहर को चलें,
जिसकी गलियों में हमारे इश्क़ का मुकम्मल चांद निकले,
जहां ज़िन्दगी का हर लम्हा तुम्हारे साथ गुज़रे,
तुम्हारी बांहों में ही रहकर मेरी जान निकले..
- अभिषेक


