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मलाल


अक्सर रोज शाम को निकल जाता हूँकहीं अकेला, सुनसान रास्ते पे,

और जला लेता हूँ एक और सिगरेट,और फिर तुमसे किये वादे को सोचकर

बुझा देता हूँ सुलगती हुई सिगरेटदेखो! कैसे आज भी तेरे जाने बाद,

तेरे से किया वादा निभा रहा हूँ मैं...#मलाल

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