कुछ इस क़दर हमने मुहब्बत की है

ख़ुदा से ज्यादा यारों की इबादत की है...

उन्हें जिंदगी के हर मोड़ पर करीब चाहता हूं,

क्योंकि, उन्हीं के वज़ह से जीने की चाहत की है //


~ अभिषेक भारद्वाज ~