कुछ साफ दिखता नही है ,

मेरी आंखों में कुछ नमी है क्या ,

बिन तेरे मैं दफन सा हूँ क्यूँ ,

मेरा ऐसा होना लाजमी है क्या ।

मेरी बातें तू समझता नही है,

दिमाग में कुछ गलतफहमी है क्या,

तू मेरी सुनता नही क्यूँ ,

मेरे इबादत में कुछ कमी है क्या ।

साथ जीने मरने की कसमें खाते थे,

बोलो ये सच नही है क्या ,

अब देख के मुझे मुँह मोड़ लेते हो क्यूँ,

हम तुम इतने अजनबी हैं क्या ।