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फ़ितरत


ख़ुशबू मेरी मोहब्बत कीतुझे रास न आई,ये अलग बात है।

यूँ रूठकर नज़रें न फेर -बेवफ़ाई करना तेरी फ़ितरत में नहीं,ऐ मेरे वफ़ादार दोस्त।।

- अभिनव सक्सेना / @abhinavsaxena25(जनवरी 06, 2018)

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