तुझसे ही तो चलना सीखा

थोड़ा डगमगाना सीखा

तेरी उँगली पकड़ के मैंने

जीवन पथ पर चलना सीखा।


गिरके फिर से संभलना सीखा

हँसना सीखा रोना सीखा

कितनी भी मुश्किल आ जाये

हँस हंस उनसे लड़ना सीखा।


तुझसे ही तो बहन मिली है

पल्लव जिसने संसार किया है

तुझसे ही तो भाई मिला है

हर्षित जिसने परिवार किया है।


रोटी सीखी सब्जी सीखी

दाल पकाना तुमसे सीखा

नमक चाहिए कितना जीवन मे

अनुमान लगाना तुमसे सीखा।


फट जाते कपड़ों के जैसे

कई बार जीवन में ऎसे

रिश्तों की दूरी समेट के

सुई चलाना तुमसे सीखा।


रोती आयी कई बार मैं

मुस्कुराना तुमसे सीखा

जो छेड़े उसको न छोड़ो

ऐसा करना तुमसे सीखा।


कई बार गुस्सा करती थीं

हरदम रोका टोका करती थीं

लेकिन इस रोक टोक से ही

सही मार्ग पर चलना सीखा।


नया घर परिवार नया था

पूरा पूरा संसार नया था

इस नए परिवार को अपना

संसार बनाना तुमसे सीखा।


कहता है जब कोई मुझसे

अपनी माँ जैसी दिखती हूँ

खुश हो जाती हूँ ये सोचकर

मैं इतनी सुंदर दिखती हूँ।


- शिप्रा श्रीवास्तव ( @imSHIPRA )