
एक साल ऐसा भी
ना अचारों की खुशबू,
ना बर्फ की चुस्की,
ना गन्ने का रस,
ना मटके की कुल्फी ॥
एक साल ऐसा भी..
ना शादियों के कार्ड,
ना लिफाफों पर नाम,
ना तीये का उठावना,
ना दसवें की बैठक ॥
एक साल ऐसा भी..
ना साड़ी की खरीदारी,
ना मेकअप का सामान,
ना जूतों की फरमाइश,
ना गहनों की लिस्ट ॥
एक साल ऐसा भी..
ना ट्रेन की टिकट,
ना बस का किराया,
ना फ्लाइट की बुकिंग,
ना टैक्सी का भाड़ा ॥
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