आज मैं बैठा हूँ
एक सुकून दिल में लिए
बस देखते रहे एक दूसरे को
ज़बान को सीये
आखों से ही सवाल
आंखों से ही जवाब
आंखों से आशिकी
आखों में ही ख़्वाब
आधे ख़्वाब तो हैं ही पूरे
जो तू साथ रहे
बस देखते रहे एक दूसरे को
ज़बान को सीये
#अभिनव


आज मैं बैठा हूँ
एक सुकून दिल में लिए
बस देखते रहे एक दूसरे को
ज़बान को सीये
आखों से ही सवाल
आंखों से ही जवाब
आंखों से आशिकी
आखों में ही ख़्वाब
आधे ख़्वाब तो हैं ही पूरे
जो तू साथ रहे
बस देखते रहे एक दूसरे को
ज़बान को सीये
#अभिनव