तुम जब शिखर पर रहोगे

तो सभी के नज़र में रहोगे

सफल हो कर अपनों को ना भूलना

वरना बुलंदियों पर भी बेसबर रहोगे


ना किसी के आशीर्वाद को भूलना

ना किसी के मुहब्बत को

ना संघर्ष के साथी को

ना किसी के मुरव्वत को


ज़िन्दगी तब और सार्थक लगेगी

जब अपनों के संग हर पहर रहोगे

सफल हो कर अपनों को ना भूलना

वरना बुलंदियों पर भी बेसबर रहोगे


~ अभिनव