जाने ये कौन सा रिश्ता है
जाने ये कौन सा दर्द है
किसी के खाना खाने से
मेरी भूख मिट जाती है
किसी के पानी पीने से
मेरी प्यास बुझ जाती है
आंखें नम होती हैं ऐसे
दिलों में उठता दर्द है
जाने ये कौन सा रिश्ता है
जाने ये कौन सा दर्द है
चलते जाना इस ताप में
जाने कहाँ इनका ठौर है
मैं कुछ नहीं इनके सामने
यह झेल पाना ही कठोर है
हर तस्वीर कुछ कहती है
इन अंजानी तस्वीरों में दर्द है
जाने ये कौन सा रिश्ता है
जाने ये कौन सा दर्द है

