दरमियाँ जो दुरी हैगिरहें कब खुलेंगीबेपनाह है कोशिशजाने राहें कब मिलेंगी
दरमियाँ जो दुरी है
गिरहें कब खुलेंगीबेपनाह है कोशिशजाने राहें कब मिलेंगी