मैं तेरी गुड़िया बन जाऊं
तेरी खुशियाँ बन रम जाऊं
मुझको कुछ समझ नहीं आता
जैसा तू चाहे मिल नहीं पाता
तू माँगे गुड़िया मुझसे
मिलती है कहाँ बेहतर तुझसे
~ अभिनव


मैं तेरी गुड़िया बन जाऊं
तेरी खुशियाँ बन रम जाऊं
मुझको कुछ समझ नहीं आता
जैसा तू चाहे मिल नहीं पाता
तू माँगे गुड़िया मुझसे
मिलती है कहाँ बेहतर तुझसे
~ अभिनव