अभी रास्ते हैं पथरीले

आलम आगे बदलना है

अगर गिरे तो हो तजुर्बा

फिर उठकर संभलना है

आब-ए-आइना हो ज़िंदगी

चलना है, बस चलना है


#अभिनव