अचानक ऐसा मन को हुआ
क्यूँ ना पुरानी यादों को टटोला जाये
दोस्तों की पुरानी फोटो और
स्कूल की पुरानी पुस्तकों को खोला जाये
यह सब कर
एक अपनापन सा जगने लगा
ऐसा पहले भी हुआ है
न जाने क्यूँ लगने लगा
सच कहते हैं
जब कुछ बीत जाये तो
एक कमी सी लगती है
यह सोच कर
आँखों में नमी सी लगती है
वक़्त हर पल आगे ही क्यूँ जाता है
सुनहरे बीते पलों को
फिर से क्यूँ नहीं दिखाता है
काश वक्त अंगड़ाई लेना सिख ले
ये सोच
जिंदगी हसीं सी लगती है
सच कहते हैं
जब कुछ बीत जाये तो
एक कमी सी लगती है
यह सोच कर
आँखों में नमी सी लगती है
#अभिनव

