सुनो

बुरा न मानो तो

रिश्ते की बुनियाद रखने से पहले

एक बात कहूँ……

 

जब रात को

तुम मेरे बारे में सोचोगे

तो मेरे बारे में तुम्हें क्या क्या जानना है

इस बात से पहले

अपने बारे में तुम्हें क्या क्या बताना है

इस बात पे गौर करना।

 

गौर करना कि वो क्या क्या

आदतें हैं तुम्हारी

जो तुम्हें तुम बनातीं हैं।

 

मेरा साथ निभाने का वादा करने से पहले

खुद से वादा करना

की तुम खुद का साथ दोगे,

तुम ख्याल रखोगे

अपने जज्बातों का,

तुम ध्यान दोगे कि तुम लड़ो

सभी से और

जरूरत पड़े तो मुझसे भी,

अपनी ख्वाहिशों

और अपने सपनों की खातिर।

 

तुम देखना कि मेरे बारे में

रत्ती भर भी सोचने से पहले

तुमने ख्याल रखा है अपनी खुशियों का,

तुम देखना कि

किसी रिश्ते से उम्मीद रखने के पहले

तुम पूरा कर पाओ

अपने मन का हर एक काम।

 

तुम गौर करना कि

तुम कर पाओ हर उस काम को

जो तुम्हारे हिसाब से सही हो तुम्हारे लिए,

तुम गौर करना कि

अपनी पसंद के हर एक काम को

तुम कर पाओ बिना डरे

असफलता से

और बिना परवाह किये

किसी की मर्जी या इक्षा की।

 

क्योंकि यही वो चीजें हैं

जो तुम्हें तुम बनातीं हैं… बाकी सब से अलग

और अपनी असफलता से

ये सीख चुका हूँ मैं के

हमारे हम होने के लिए

बहुत जरूरी है

मेरा मैं और तुम्हारा तुम होना।