तुम चलो साथ जो, रास्ता दिखाऊ मै.. रास्ते मे तेरे लिए एक गीत गुनगुनाऊ मै ... ना हो कोई दूरी तो.. तेरे हाथो की उंगलियो मे, मै अपनी उंगलियां मिलाऊ मै... सोचते है उनसे कुछ प्यार कर लिया जाए . .... दोनो के रास्तो को एक कर लिया जाए ..... होती है जो उनसे वो ख्वाब मे मुलाकाते...... सोचते है अब हम तो, हकीकतो मे भी मिला जाए..... दुनिया मे जो चालाकी, वो हम नही समझ पाए.... खेल है चालाकी का, खेल हम नही पाए........ कहना क्या है उनसे वो सोचते रहे दिल मे...... माना उनके दिल मे तो रहते है हमी हम तो, फिर भी वो मोहब्बत हम आज तक नही पाए.......