परों के खोलते ही जिसका भरोसा टूट जाएगा।
समझ लेना उसी दिन वो परिंदा टूट जाएगा।।
जहां पर दीवार नफ़रतों की उगाएगा कोई दुश्मन।
समझ लेना मुहब्बत से बनाया वो घरोंदा टूट जाएगा।।
संजोकर जिसको रखे हो बड़े ही प्यार से दिल में।
नज़र के फेरते ही वो नज़ारा टूट जाएगा।।
मेरा दिल,दिल है,यह तो प्यार का सच्चा पुजारी है।
अगर समझा इसे तुमने खिलोना तो यह दिल टूट जाएगा।।
हजारों ख़्वाब हैं दिल में अभी हमें छूनी बुलंदी है।
ज़रा सी ठेस लगते ही वह इरादा टूट जाएगा।।
बचाकर सब्र के इस बांध को रखना जरूरी है।
अगर रुका पानी यन्हा तो किनारा टूट जाएगा।।
अभी अन्धेरा हैं यन्हा ,अभी सूरज नहीं निकला है ।
जो चाहा तुमने इम अंधेरों को तो समझ लेना उजाला छूट जाएगा।।
@kaviabhigupta