बात वही फिर दोहराने....
गीत वही मै ले आया...
कुछ बिछडे लोगो की यादें…
जो रहते थे मेरे दिल मे…
है वक्त का वो धुन्धले पन्ने…
जो धीरे-धीरे धूमल-धूमल ….
इस दिल से अब वो निकल गये…
कुछ लोग यन्हां भी है एसे…
जो धीरे धीरे छलते है …
दिखला के वो कुछ प्यार के लम्हे …
कुछ दर्द ऎसे दे जाते है ….
उस दर्द मे हम ना सो पाए ….
उस दर्द मे हम ना जी पाए ….
बात वही फिर दोहराने....
गीत वही मै ले आया...
कुछ दोस्त पुराने है मेरे….
जिनसे अपना याराना है….
जो बस्ते है अपनी यादों मे….
तनहाई को जो छलते है…..
जो दोस्त थे सबसे प्यारे….
वो अब धीरे धीरे बिछड गये…
वो बसते है अब यादों मे…
सपनों मे आते जाते है….
और आके शोर मचाते है….
बात वही फिर दोहराने....
गीत वही मै ले आया...
@kaviabhigupta
