तुम भीड़ के साथ जीना सीख लो


ये भीड़ ही अब समाज है,


तुम भीड़ के साथ चलना सीख लो


ये भीड़ ही अब रिवाज़ है


तुम भीड़ की तरह सोचना सीख लो


ये भीड़ ही अब विचार है,


तुम भीड़ की तरह बोलना सीख लो


ये भीड़ ही अब आवाज़ है |