पुण्य क्या ,पाप क्या?
आदर क्या ,निरादर क्या?
प्रेम क्या ,नफरत क्या?
मेरा क्या ,तुम्हारा क्या?
सच क्या ,मिथ्या क्या?
मीठी वाणी ,कटुशब्द क्या?
नीति क्या ,अनीति क्या?
भक्ति क्या ,पाखंड क्या?
ये सब क्या हैं??
ये सब हमारी उपजें हैं,
जो छूट गया बो ही टूट गया है।
फिर वह बदल गया!
~अभय दीक्षित