मोहब्बत में इतने दर्द सहकर!'s image
Poetry1 min read

मोहब्बत में इतने दर्द सहकर!

Abhay DixitAbhay Dixit April 5, 2022
Share0 Bookmarks 9916 Reads0 Likes
मोहब्बत में इतने दर्द सहकर
कैसे जीते हैं लोग इतने ग़मों को पीकर
क्यों इतनी कठिन राह है मोहब्बत की
क्या दिल नहीं होता है सबके भीतर
मोहब्बत तो ऐसा घर है
जो टूट जाये तो बनता नहीं है उम्र भर
न जाने क्यों तोड़ देते  है लोग
छोटी-छोटी सी बात पर

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts