तुम मिल जाओ गर सफर में
तो सफर बड़ा ही अच्छा होगा
साथी अगर तुम साथ चलोगे
साथ बड़ा ही सच्चा होगा
तुम मिल जाओ गर सफर में
तो सफर बड़ा ही अच्छा होगा
राह में हमको कई मिलेंगे
ओ साथी तुमसा कोई न होगा
जब होगा मन विचलित संघर्ष में
सहारा तुम्हारी बाँहों का होगा
साथी अगर तुम साथ चलोगे
साथ भी बड़ा ही सच्चा होगा
बातें तुमसे दिल की होगीं
दिल में नाम तुम्हारा होगा
हम थकेंगे भी नहीं सफर में
अगर हर पल साथ तुम्हारा होगा
मुश्किल होगी गर सफर में
हर मुश्किल का हल तुम्हारे पास होगा
साथी अगर तुम साथ चलोगे
साथ भी बड़ा ही सच्चा होगा
जो भी मिलेगी सौगातें हमको
उन पर हक़ तुम्हारा भी होगा
साथी अगर तुम साथ चलोगे
साथ भी बड़ा ही सच्चा होगा
हम सपने जो भी देखेगें
संग तुम्हारे सारे साकार होंगे
तुम मिल जाओ गर सफर में
तो सफर बड़ा ही अच्छा होगा
साथी अगर तुम साथ चलोगे
साथ भी बड़ा ही सच्चा होगा।।
~अभय दीक्षित
