हिंदी भाव है भाषा का
साहित्य का सरल उदहारण
कवियों की ये वाणी अनुपम
लेखकों की गरिमा बखान की शैली है
आमजनों की मधुर खड़ी बोली है
क - से कठिन और स - से सरलतम हो जाती है
जो जैसी अपनाले उससे वैसी ही बोली जाती है।।

~अभय दीक्षित

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