ये नफरत दिलों में पाले रहोगे कब तक |
मुल्क की धज्जियां उड़ाते रहोगे कब तक |
बचाओ खुद को अमन की खुशबू बाटो,
तुम लड़-झगड़ के मुरझाते रहोगे कब तक |


ये नफरत दिलों में पाले रहोगे कब तक |
मुल्क की धज्जियां उड़ाते रहोगे कब तक |
बचाओ खुद को अमन की खुशबू बाटो,
तुम लड़-झगड़ के मुरझाते रहोगे कब तक |