वो लेखक है !
कभी अदावत भी करता है
कभी बगावत भी करता है
गिरे हुए लोगों को उठाता है
भटके हुए लोगों को राह दिखाता है
कातिलों से वो नहीं मिला नहीं करता
किसी से किसी का गिला नहीं करता
दोस्तों से वफ़ा निभाता है
दुश्मनों को दोस्ती सिखाता है
कोई मजहब इसका रास्ता नहीं है
सियासत से इसको वास्ता नहीं है
इंकलाबी कलम चलाता है
मोहब्बत के गीत गाता है
क्यों कि वो शायर है
क्यों कि वो लेखक है


