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जब कभी उसको निहारते रहना - अब्दुल रहमान अंसारी ( रहमान काका )

रहमान वाहिदरहमान वाहिद August 27, 2021
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जब कभी उसको निहारते रहना |

उसकी ख़ूबसूरती का सदका उतारते रहना |

उसकी आँखों पर कोई शेर कहना,

उसको होंठों को निखारते रहना |

जब कभी उसकी याद में खो जाना,

तब तुम मयखाने की राह तलाशते रहना |

हमें अपनी गलती का अफशोश है,

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