सखियों के संग आऊंगी तुम पनघट पर आ जाओ ना
में कोयल बनकर बैठूंगी तुम वंशीवट बन जाओ ना
मुझे तीर्थ करा दो पिया प्रेम में तुझमे ही तर जाना है
में डुबकी लगाने आउंगी तुम गंगातट बन जाओ ना


सखियों के संग आऊंगी तुम पनघट पर आ जाओ ना
में कोयल बनकर बैठूंगी तुम वंशीवट बन जाओ ना
मुझे तीर्थ करा दो पिया प्रेम में तुझमे ही तर जाना है
में डुबकी लगाने आउंगी तुम गंगातट बन जाओ ना