तुझको ही तो लिखा है
तुझको ही तो पड़ा है
जिंदगी का सच है तू ही
तुझसे ना कुछ बड़ा है
तुझ से निभाई जो यह
अब रीत आखिरी है
यह गीत आखिरी ह
यह प्रीत आखिरी है
मिट्टी से झड़ रही है
यादों की फुलवारी
पता खामोश बैठा
मछल रही है डाली
मुझ में बचा जो मेरा
तू मीत आखिरी है
यही गीत आखिरी है
यह प्रीति आखिरी है
यादों की कश्तियों में
गुजरी कहीं बहारें
सबने बड़ा रिझाया
तेरे आगे हम हैं हारे
डूबे भी सब जगह पर
तू जीत आखिरी है
यह गीत आखिरी है
यह प्रीत आखिरी है
तेरी बात कुछ भी
समझ में ना थी आई
छोटी सी जिंदगी है
जितनी कोई रुबाई
तुझको सुना जो मैंने
तू संगीत आखिरी है
यह गीत आखिरी है
यह प्रीत आखिरी है


