ख़ूब अच्छा सिला दिया तूने

दिल को टूटा बना दिया तूने


दिल के बदले ले ली मेरी जान !

ऐसा कुछ फैसला किया तूने |


बेहतरीन पैरहन की ख़्वाहिश में !

खुद को बद्तर बना दिया तूने |


ग़म-ए-फुरक़त में तेरी याद आये,

ये वो जादू है, जो किया तूने |


आशनाई नहीं थी दिल में कभी !

भला क्यूँ था दग़ा दिया तूने ?


फराग़त मिल गई “आशिक” को,

जब से तन्हा यूँ है किया तूने |