लिख रहा हु इस लम्हे में मैं तुम्हे सोच करमेरी हर बारीकी में तुम हो तुम हो हर नज़्म में मेरीमेरी ख्वाहिशों में मेरी हर जीत में बस नहीं हो तो मेरी हार मेंमगर हर उस लम्हे में जिसे मैने जिया साथ तुम्हारे.......
लिख रहा हु इस लम्हे में मैं तुम्हे सोच करमेरी हर बारीकी में तुम हो तुम हो हर नज़्म में मेरी
मेरी ख्वाहिशों में मेरी हर जीत में बस नहीं हो तो मेरी हार मेंमगर हर उस लम्हे में जिसे मैने जिया साथ तुम्हारे.......