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क्या कहिए..


रुपहली सी चमकचाँदी से तारों की क्या कहिए..

चिंगारी सी थिरकठहरे अंगारों की क्या कहिए..

माथे की सलवटों मेंउम्रों का तक़ाज़ा क्या कहिए..

संजीदा उन चश्मों सेनज़रों का नज़ारा क्या कहिए..

— अक्षिणी..
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