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मज़दूर


हम मज़दूर है,मिलोमिल मकान हमारा दूर है,घर इंतज़ार करती किसी का सिंधुर है,यें शहर तेरी रौनक़ मेरे पसीने का नूर है,याद रखेगा ज़माना क़िस्से हमारे भी मशहूर है,हम मज़दूर है, मज़बूर नहीं।

- आकाश सोनवणे

— Twitter: 89S_Aakash
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