प्रेमी बस यही चाहत रखता है,
कोई चाहे भी उसे उसकी ही तरह।
महसूस कर ले खामोशी कोई उसे उसकी तरह।
बिना बताए हाल जान ले कोई उसे उसकी तरह।
गलतियां नजर अंदाज कर दे कोई उसे उसकी तरह।
होंठों से अनकही बातें भी सुन ले कोई उसे उसकी तरह।
प्रेमी बस यही चाहत रखता है,
कोई चाहे भी उसे उसकी ही तरह।
✍️ आदित्य 'आदि'