
चारों ओर भय भयंकर
अन्धेरा सूरज को बुलाए धमकर
रोशनी का तो मरना तय
जीवन की आज बिगड़ी लय ।
शब्द शूल से तीखे आज
खुले सब छुपाए राज
अजब सन्नाटा गजब विस्मय
जीवन की आज बिगड़ी लय ।
गीतों में तुकबन्दी नहीं
दिलों की रजामन्दी नहीं
प्रेम गीतों पर संशय
जीवन की आज बिगड़ी लय।
लड
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