इधर देखो, उधर देखो,  कहीं से भी लाओ उसको । राजकुमार को चाहिए होगा,  कैसे भी बुलाओ उसको । कल सांझ ही तो बांधा था,  मैं ऐसे कैसे छला गया ? सैनिकों को कोई जाकर पुछो,  'कन्थक' कहाँ चला गया?