Poetry 1 min read 757.5K reads

माँ


फिर रख दे माथे पर मेरेहर दुःख हरने वाला हाथ

फिर खिला दे नर्म उँगलियों सेएक रोटी का निवाला

फिर बहला दे मुझेसुना कर कोईअद्भुत सी कहानी

फिर गा कर वहमीठी सी लोरी

नन्हे बालक सामुझे सुला दे, माँ !

Read more Earn more Learn more