फिर रख दे माथे पर मेरे
हर दुःख हरने वाला हाथ
फिर खिला दे नर्म उँगलियों से
एक रोटी का निवाला
फिर बहला दे मुझे
सुना कर कोई
अद्भुत सी कहानी
फिर गा कर वह
मीठी सी लोरी
नन्हे बालक सा
मुझे सुला दे, माँ !


फिर रख दे माथे पर मेरे
हर दुःख हरने वाला हाथ
फिर खिला दे नर्म उँगलियों से
एक रोटी का निवाला
फिर बहला दे मुझे
सुना कर कोई
अद्भुत सी कहानी
फिर गा कर वह
मीठी सी लोरी
नन्हे बालक सा
मुझे सुला दे, माँ !