कलाकार हूँ, थोड़ा भावुक हूँ
दिल की गहराई तक सहज उतर जाती हैं चीज़ें
कुछ गीत भी , कुछ शब्द भी
कुछ दोस्त भी, कुछ दर्द भी
सतह पर तैरना मुझे नहीं आता
भावों के समुद्र में डूब, खोज लाता हूँ
कभी कंकर भी, कभी मोती भी
कभी तमस भी, कभी ज्योति भी
- अमित मेहता


कलाकार हूँ, थोड़ा भावुक हूँ
दिल की गहराई तक सहज उतर जाती हैं चीज़ें
कुछ गीत भी , कुछ शब्द भी
कुछ दोस्त भी, कुछ दर्द भी
सतह पर तैरना मुझे नहीं आता
भावों के समुद्र में डूब, खोज लाता हूँ
कभी कंकर भी, कभी मोती भी
कभी तमस भी, कभी ज्योति भी
- अमित मेहता