गौर किया हो तो पाया होगा शख्श वो इसरार मेंतुम दिन को रात भी कहो वो ग़ाफ़िल मान जायेगाआईना लेके घूम रहा है वो सरेराह अब बाज़ार में,जो बचा हो जरा सा ईमान जरा सामने तो आइयेगा
गौर किया हो तो पाया होगा शख्श वो इसरार मेंतुम दिन को रात भी कहो वो ग़ाफ़िल मान जायेगा
आईना लेके घूम रहा है वो सरेराह अब बाज़ार में,जो बचा हो जरा सा ईमान जरा सामने तो आइयेगा