Poetry 1 min read 0 reads

रुबरु


गौर किया हो तो पाया होगा शख्श वो इसरार मेंतुम दिन को रात भी कहो वो ग़ाफ़िल मान जायेगा

आईना लेके घूम रहा है वो सरेराह अब बाज़ार में,जो बचा हो जरा सा ईमान जरा सामने तो आइयेगा

— आकाश गुप्ता✍️
Read more Earn more Learn more