कहने  को  तो सिर्फ  एक रात थी! इस रात में पता नहीं क्या बात थी!    छत  में  तन्हा  टहल  रहा  था  वो  न   जाने  ऐसी   क्या  हालात  थी!    चेहरा   था   पथराया   हुआ   सा आँखों  में  हल्की  सी बरसात थी!    जिंदगी  काटनी  है  कट ही जायेगी  क्यों  न था  गवांरा जो वो साथ थी!    छत  पर था  सन्नाटा और थोड़ी सिसकियां  गली में बाजे का शोर ये उसी की बारात थी!