ख्यालों में जीया हूँ
मौत तु मुझे कैसे ले जा पायेगी ,
मैं वहीं रहूँगा यादों में
तू बहुत पछताएगी
महक हूँ साँसों में समा जाऊँगा।
मुझे भी तो बता साँसों से मुझे कैसे ढूँढ पायेगी।
मैं तो इक एहसास हूँ ,
हर इश्क़ में हर गम में
हर गरीब की उम्मीद में
नज़र आऊँगा।
आखिर बता तो दे ए मौत
तू मुझे कैसे ले जा पायेगी