चाय पर बुलाया है,
तो चाय में हल्की सी
मिठास रखना।
मठरी हो न हो
चाय में अपने
एहसास रखना।
बैठक में विचारों
की ठंडक हो
उदासी से कहना
घूम आये बाहर
मन में ताजा ताजा
उल्लास रखना।
तुम्हारी कविता
तुमसे अधिक
सच कह जातीं हैं।
तुम्हारी कविता
की किताब
टी टेबल के
आसपास रखना।
आ रहा हूँ,
सिर्फ मैं और तुम
दोनों ही होंगे,
फिर भी घर में
एकांत का
आभास रखना।