ढूंढते हम तुझे अब कहा
खो गया चांद है अब कही
एक तू एक मै जान पर
तू जमीं मै गगन अब कही
दिल मिरा साथ है पास पर
रूह तू जिस्म मै अब कही
राह में भी अगर हम मिले
सोच ते हम रहे अब कही
प्यार आँखो समाया हुआ
दर्द दिल में जले अब कही
हाथ सर पे रखा था कभी
हर कसम ख़ाक में अब कही
-विनोद गणेशपुरे

