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काफिर


नूर ए अल्फ़ाज़ बदल जायेंगेजब ये हालत बदल जायेंगे

अभी है वक़्त हमारा तो जी हुज़ूरी हैवक़्त बदलते ही जी हुज़ूर कहे जायेंगे

है वो काफिर की अपनी किस्मत पे रो नही सकतागर वो रोया तो जज़्बात बदल जायेंगे।

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