देख उन्हे दिल में दर्द सा छा गया, कुछ करने का भाव अब दिल में आ गया। मिटा देना है देश से अब गरीबी को, मद्द करेंगे अब हम करीबी को देख गरीबी मन मचल सा गया कुछ करने का भाव दिल में उमड सा गया। मिटा देना है अब इसे देशभूमि से, कार्य अब होगा हर रणनीति से। नसीब न हो पा रहा दो वक्त का खाना, भ्रष्टाचारी नेता रोज ढूढ रहे नया बहाना उठाना पडेगा अब महत्वपूर्ण कदम, जो करेगा अनुवर्ता मुक्त भारत का गठन।