ये बारिश का मौसम 

पानी की बौछार... 

इन्हें मुझे यूं छूकर गुजरना 

बार बार... 

और इम्तहान न ले मेरे सब्र का... 

सांसें थमने लगी हैं... 

धड़कने रुकने लगी है ....

इन साँसों इन धड़कनो को बस

तेरा इन्तजार ... 

#Ssweta