चूज़े का साहस

वाह रे कुदरत तेरी माया

अंडे में है जीवन पाया

कब तूने साँसें दे डाली

कब है नन्हा दिल धड़काया

नन्ही चोंच व नन्ही आँखें

कब पंखों से मुझे सजाया

(अंडे के भीतर का वर्णन)

पल पल करते ,पल पल करते

हर पल यूँ ही ,साँसें गिनते

लुढ़क पड़क कर, लुढ़क पड़क कर

बस यूँही गिरते पड़ते

किस दिन बाहर आ पाऊँ

बस ये इंतज़ार ही करते